शरद माथुर ने ऑयल पेंट से लिखी 3 हजार पन्नों की सम्पूर्ण रामचरित मानस।

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Sharad Mathur writes 3000 page Ramcharitmanas.

दोस्तों यदि इंसान चाहे तो अपनी मेहनत से पत्थर में भी सुराख कर सकता है। कुछ ऐसा ही राजस्थान के जयपुर में रहने वाले एक कलाकार ने ब्रश और ऑयल पेंट से 3 हजार पन्नों की सम्पूर्ण रामचरित मानस लिखकर यह कारनामा कर दिखाया है।

जयपुर के रहने वाले कलाकार और कोई नहीं शरद माथुर Sharad Mathur है जिन्होंने A-3 साइज़ के पेपर में एक-एक शब्द 1.5 इंच में ऑयल पेंट और ब्रश से 3 हजार पन्नों की सम्पूर्ण रामचरित मानस लिखकर संजोया है। शरद माथुर का कहना है 3 हजार पन्नों की लिखी गई सम्पूर्ण रामचरित मानस की किताब का वजन 150 kg है। writes 3000 page Ramcharitmanas.

jaipur artist sharad mathur writes 3000 page ramcharitmanas

पारिवारिक पृष्ठभूमि।

लगभग 3000 पेज़ में सम्पूर्ण रामचरित्र मानस को लिखने वाले शरद माथुर एक स्कूल में बच्चों को संगीत की शिक्षा देकर और भजन-कीर्तन करके अपना जीवन-यापन करते हैं।

उनका कहना है कि जब उन्होने इस पवित्र महाकाव्य को लिखने की शुरूआत की थी तब उसके कुछ लगभग 100-200 पेज खराब हो गये थे जिसके कारण उन्होंने रामचरित्र मानस के सभी पेजों को लेमीनेट कराकर सुरक्षित कर दिया।

jaipur artist sharad mathur writes 3000 page ramcharitmanas

कैसे की शुरूआत।

शरद माथुर बताते हैं कि उन्होंने ब्रश और ऑयल पेंट से रामचरित मानस लिखने की शुरूआत सन 2013 में की थी, जिसे पूरा करने के लिए करीब 6 वर्ष लग गये। उन्होने इस रामचरित्र मानस की सभी काण्ड और चौपाईयों को पेपर पर बड़ी ही खूबसूरत के साथ एक-एक शब्दों को सावधानी के साथ लिखा है।

उन्होंने बताया कि रामचरित्र मानस की किताब मे सभी काण्ड और चौपाईयां छोटे-छोटे अक्षरों में लिखे हुए है जिसे पढ़ने में कई लोगों को दिक्कत होती है और इसी वजह से उन्होंने अपनी कलाकारी दिखाते हुए ब्रश और ऑयल पेंट से रामचरित्र मानस को बड़े-बड़े अक्षरों मे लिखने के लिए शुरूआत की।

jaipur artist sharad mathur writes 3000 page ramcharitmanas

अपनी ओर से लगभग 5 लाख रूपये कर दिये खर्च।

रामचरित मानस के महाकाव्य की किताब को 21 खण्डों में तैयार किया गया है, जिसके लिए उन्होंने अपनी ओर से लगभग 5 लाख रूपये खर्च कर दिये। उनके मुताबिक मर्यादा पुरुषोतम भगवान श्री राम के इस पवित्र काम के लिए होने वाला सारा खर्च उन्होंने अपनी ओर से स्वयं किया है।

शरद माथुर ने ये भी बताया कि कई बुक-बाइंड़र्स से रामचरित्र मानस की किताब को बाइंडिंग करने के लिए कहा परंतु अधिकतर बुक-बाइंड़रों ने तकनीकी खराबी का कारण बताते हुए मना कर दिया लेकिन अंत में मुबारक खान नाम के एक शख़्स इस पवित्र काम को करने के लिए तैयार हो गये।

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