Moral Story in Hindi. जादूगरनी की डरावनी शर्त। Hindi Story.

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जादूगरनी की डरावनी शर्त।

चंदनपुर नाम का एक गांव था। उस गांव में एक जादूगरनी रहती थी। वह स्वभाव से बहुत ही निर्दयी थी। उसने पूरे गांव के लोगों को और यहां तक कि पशु-पक्षियों पर भी अपना काला जादू कर गुलाम बना रखा था। Moral Story in Hindi.

उस जादूगरनी की एक बेटी थी जो बहुत ही भली और दयालु थी। हमेशा सबके सुख-दुख में हाथ बंटाती थी। जब भी उसे पता चलता कि उसकी मां किसी न किसी व्यक्ति या पशु-पक्षियों को अपने काले जादू से गुलाम बनाती तो उसे बहुत बुरा लगता। वह हमेशा अपनी मां को समझाती, लेकिन उसकी मां अपनी बेटी की बात को अनसुना करते हुए कहती कि बेटी में अपने जादू से तुम्हें व अपने आप को सुरक्षित रखने के लिए करती हूं।

एक दिन उस जादूगरनी को अपनी बेटी के विवाह की चिंता होने लगी और इसी चिंता में उसे एक उपाय सुझा। उसने अपने गाँव के साथ साथ आस-पास के गांवो में अपनी बेटी के विवाह की बात फैलाई और साथ ही अपनी एक शर्त भी रखी। जो भी व्यक्ति उसकी शर्त को पूरा करेगा तो वह उस व्यकित से अपनी बेटी की शादी करा देगी और उस पूरे गांव के लोगो को अपने काले जादू से मुक्त कर देगी।

लेकिन जादूगरनी की शर्त यह थी कि उस व्यकित को एक बड़े से कड़ाही में खौलते हुए गर्म घी से उसे स्नान करना पड़ेगा। जादूगरनी की शर्त को सुनकर गाँव के सभी नौजवानो की आत्मा कांप गई क्योंकि गर्म घी से वह तो क्या कोई भी इंसान स्नान नहीं कर सकता था।

कुछ दिनो के बाद जादूगरनी के गाँव मे दूर देश से एक नौजवान व्यकित आया। वह भगवान को मानता था और हमेशा अपने मन में भगवान का ध्यान करता रहता था। जब भी वह किसी परेशान व्यकित को देखता उसकी मदद जरूर करता।

Moral Story in Hindi. जादूगरनी की डरावनी शर्त। Hindi Story.

जब वह उस गाँव मे आया तो गाँव वालों ने उसे जादूगरनी के बारे मे बताया की कैसे वह गाँव के लोगो को पशु पक्षी बनाकर उसे गुलाम बना लेती है और अब वह अपनी अपनी लड़की की शादी करना चाहती है और उसकी शर्ते भी है। जादूगरनी के बारे में सारी बात जानने के बाद उसने जादूगरनी के घमंड को चूर करने का निश्चय किया।

एक दिन वह जादूगरनी के घमंड को चूर करने के बारे में सोचते हुए गांव के बाहर बने मंदिर मे गया और भगवान की मूर्ति के सामने खड़े होकर वह भगवान से मदद मागने लगा की मै किस तरह जादूगरनी का घमंड तोड़ सकता हूँ। वह भगवान की मूर्ति के आगे आँख बंद कर हाथ जोड़े खड़ा था तभी मंदिर का पुजारी पास आकर कहता है की भगवान सबकी सुनता है और दुनिया की मदद करने वालों की पहले सुनता है तो आओ मेरे साथ तुम्हें कुछ दिखाता हु।

पुजारी उस नौजवान व्यकित को मंदिर के पीछे बनी एक छोटी सी गुफा मे ले जाता है और कहता है इस गुफा मे तुम सीधे चले जाना तुम सीधे जादूगनी के महल मे पहुँच जाओगे। वहाँ उसकी बेटी से मिलना क्योकि वह जादूगनी जैसी नहीं है और वह हमेशा दूसरों का भला चाहती है परंतु अपनी माँ से डरती है। तुम उससे जाकर मिलना शायद इस जादूगरनी को सबक सिखाने का कोई हल निकाल सके।

नौजवान व्यकित पुजारी जी के बताए रास्ते पर गुफा मे सीधा चला गया। दिन रात चलने के बाद वह एक अंधेरे जंगल मे पहुंचा परंतु बिना डरे वह सीधा चलता रहा और आखिरकार उसे जादूगरनी का महल दिखने लगा। महल से कुछ दूर उसे काफी चमकती हुई कोई चीज़ भी दिखाई दी। वह उसी चमक की और बढ़ता चला गया वह जैसे जैसे आगे बढ़ रहा था वह चीज़ और चमकदार होती जा रही थी। आखिरकार वह उस जगह पहुँच गया और देखा की एक विशाल पेड़ की छाँव मे एक लड़की अपने चमकदार बालो को सवार रही है। उसे अपनी आंखो पर विश्वास ही नहीं हो रहा था की इस दुनिया मे भी कोई इतनी खूबसूरत लड़की भी हो सकती है। वह उसे मंत्रमुग्ध होकर देखता ही रह गया।

उस खूबसूरत लड़की की नजर जब लड़के पर पड़ी तो वह अचानक से बूढ़ी हो गई। लड़के ने देखा तो वह दोडता हुआ उसके पास आया और पूछने लगा ये क्या अभी तो आप हीरे के समान इतनी चमक रही थी और अचानक ये क्या हो गया। लड़की ने कहा की मे यहाँ के जादूगरनी की बेटी हूँ और मेरी माँ ने मुझ पर जादू किया हुआ है की मे जब भी किसी नौजवान व्यकित को देखू तो मे तुरंत बूढ़ी हो जाऊ। मेरी माँ मे कई गाँव वालो को भी पकड़ कर गुलाम बनाया हुआ है और अब वो मेरी शादी के बहाने कई लोगो को भी मरवाना चाहती है अपनी शर्त पूरी करवा के।

नौजवान व्यकित ने कहा तुम चिंता मत करो मे जादूगरनी को सबक सिखाने ही आया हु। आप बस इतना बताओ की क्या आप मेरी जादूगरनी को सबक सिखाने मे मेरी मदद करोगे। जादूगरनी की बेटी ने भी अपनी सहमति जाहीर की। दोनों ने मिलकर बहुत ही सूझ-बुझ कर अगले दिन की योजना बनायी।

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योजना के अनुसान नौजवान व्यकित महल मे जाकर जादूगरनी के पास जाता है और कहता है की मै आपकी बेटी से शादी करना चाहता हूँ और मै आपकी शर्त को भी मानने को तैयार हूँ। यह सुनकर जादूगरनी बहुत खुश हुई की चलो कल बहुत दिनो के बाद कल किसी की मौत का नजारा देखने को मिलेगा। जादूगरनी से अपने सभी सैनिक गाँव मे भेज कर अगले दिन की जादूगरनी के बेटी की शादी की खबर सभी को बता दी और सभी को आने का न्योता भिजवा दिया।

अगले दिन सभी आस पास के गाँव तक के लोग जादूगरनी की बेटी की शादी देखने पहुंचे और सभी डरे हुए भी थे की कौन उस शर्त को और कैसे पूरा करेगा। जब उन्होने देखा की ये तो उनही के गाँव का नौजवान व्यकित था जो जादूगरनी को सबक सिखाने आया था परंतु वह ये शर्त को कैसे पूरा करेगा।

जादूगरनी अपने सिंहासन पर बेठ कर आदेश देती है की शर्त को पूरा किया जाए तभी मेरी बेटी से तुम्हारी शादी हो पायेगी। शर्त के अनुसार वहाँ पर गरम कड़ाई मे गरम घी लाया गया और उसे नौजवान व्यकित पर डाल दिया गया परंतु ये क्या नौजवान व्यकित को तो कुछ भी नहीं हुआ। जादूगरनी ये देख कर हैरान रह गई की ऐसा कैसे हो सकता है परंतु अब देर हो चुकी थी वह पूरे गाँव के सामने शर्त हार चुकी थी। सभी गाँव वाले खुशी से फुले नहीं समा रहे थे सभी नाच रहे थे खुश हो रहे थे।

जादूगरनी ने भी सभी के सामने अपनी हार स्वीकार की और अपनी बेटी की शादी उस नौजवान व्यकित से कर दी। और जादूगरनी ने पूरे गाँव को अपने काले जादू से मुक्त कर दिया और साथ ही सभी गुलामो को भी छोड़ दिया। अब काही ना काही जादूगरनी का भी मन बदलने लगा सब तरफ खुशिया देखते हुए उसने भी अपने आप को बदलने का वादा अपनी बेटी से किया। अंत में वह एक नेक दिल जादूगरनी बन गई और अपना जादू अच्छे कार्यों में लगाने लगी।

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परंतु हम सभी लोग ये जानना चाहते है की आखिर नौजवान व्यकित ने कैसे गरम घी वाली शर्त पूरी की, किस तरह से वह बच गया। तो आखिर मे उनकी योजना के अनुसार जादूगरनी की लड़की ने अपने वफादार सैनिकों को आदेश दिया था की कड़ाही गरम होने का दिखावा करे। कड़ाही मे घी गरम नहीं था बस कड़ाही पर धुआँ डाल दिया था जिससे वह गरम दिखने लगी थी असल मे घी गरम नहीं था और इस तरह उन्होने अपनी शर्त को गुपचुप तरीके से पूरा किया जिसका जादूगरनी को कभी भी पता नहीं चला।

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